कोविड-19 की कठिन चुनौतियों को स्वीकार कर ऑनलाइन पढ़ाई से छात्रों का पाठ्यक्रम करवाया पूरा : रमेश पोखरियाल निशंक

नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक मंगलवार को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के ऑनलाइन दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। निशंक ने कहा, “पूरी दुनिया में एक बार फिर से कोविड महामारी को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। लेकिन सरकार महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। कोविड-19 की कठिन चुनौतियों को स्वीकार करते हुए विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन अध्यापन के माध्यम से छात्रों के पाठ्यक्रम पूरा करवाए। अंतिम सेमेस्टर के लगभग 48 हजार छात्रों की परीक्षा व्यक्तिगत उपस्थिति के साथ संपन्न करवाई गई। फिलहाल, परीक्षा परिणाम भी घोषित हो गए है और 2020-2021 सत्र की कक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में चल रही हैं। नई कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया भी ऑनलाइन मोड में चल रही है और भविष्य के सत्रों के लिए यह एक बेहतर प्रशिक्षण का अवसर है।”

शिक्षा मंत्री डॉ. निशंक ने कहा कि विश्वविद्यालय 40 शोध परियोजनाओं और 26 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एमओयू के माध्यम से शोध के क्षेत्र में नए आयामों को स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। शोधारित प्रकाशनों, समृद्ध पुस्तकालय, नवाचार के कार्य, सामाजिक दायिžवों के निर्वहन एवं श्रेष्ठ क्रियाकलापों के माध्यम से विश्वविद्यालय निरंतर शैक्षणिक लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शिक्षा, शोध, नवाचार एवं सामुदायिक विकास के लिए भी विश्वविद्यालय प्रयास करते हुए 21वीं शताब्दी के ज्ञान युग की संकल्पना को साकार करेगा।

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ का नारा बुलंद किया है और उसके लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड शिक्षा के माध्यम से इस दिशा में वोकल फॉर लोकल, एक भारत-श्रेष्ठ भारत तथा आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने का प्रयास करेंगा।

निशंक ने कहा, “उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्कारों की पीढ़ियां बनाई हैं। अपने स्थापना के 47वें वर्ष में प्रवेश करते हुए इस विश्वविद्यालय ने कठिन चुनातियों के बीच भी प्रगति की अपनी यात्रा निरंतर बनाये रखी है। आज ज्ञान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र उत्तराखंड उत्तरोतर आगे बढ़ रहा है।”

शिक्षा मंत्री निशंक ने विश्वविद्यालय में नीति आयोग, नई दिल्ली द्वारा भारतीय हिमालयन केंद्रीय विश्वविद्यालय कंसोर्टियम (कउवउ) की स्थापना को लेकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि कंसोर्टियम पर्वतीय क्षेत्रों में महिला श्रमिकों के आर्थिक प्रभावों सही मूल्यांकन में भूमिका निभाएगा। हिमालयी राज्यों की कृषि-पारिस्थितिकी, किफायती एवं पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन का विकास, पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन नियंत्रण हेतु रोजगार के अवसरों का सृजन में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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