#PujariBurntAlive : बेशर्मी से भरी आज तक की जादुई पत्रकारिता, पहले पुजारी की हत्या को आत्मदाह बताया और अब उसके लिए भी प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहरा दिया

न्यूज़ डेस्क। राजस्थान में पुजारी की हत्या मामले में एक बार फिर आज तक की बेशर्मी से भरी पत्रकारिता देखने को मिली है। आज तक ने पहले तो पुजारी की हत्या को आत्मदाह बताया फिर उसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहरा दिया। आज तक ने इस हत्या के मामले में राजस्थान की कांग्रेस सरकार का बचाव करते हुए कहा कि अगर पुजारी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत मिला होता तो वह छप्पर में आत्मदाह करके नहीं मरता। कांग्रेसी सरकार के बचाव में आज तक के पक्षकार के इस तरह के कुतर्क से लोग सकते में है।
Shameless Journalism of Aajtak.
First calls Rajasthan Pujari murder case as 'आत्मदाह'.
Then says- "अगर पुजारी के घर छत होता तो पुजारी नहीं जलता". pic.twitter.com/ICyxuSKpMn
— Ankur Singh (Modi Ka Parivar) (@iAnkurSingh) October 10, 2020
असल में राजस्थान के करौली जिला के बूकना गांव में जमीन विवाद को लेकर एक पुजारी बाबूलाल वैष्णव को जिंदा जला कर मार डाला गया। राधाकृष्ण गोविन्द मंदिर के पुजारी बाबूलाल वैष्णव ने अस्पताल में मौत से पहले ही आरोपित कैलाश मीणा का नाम ले लिया था, इसके बावजूद आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस ने 24 घंटे का समय लगा दिया। करीब 5 हजार की आबादी वाले इस बूकना गांव के इस 200 साल पुराने मंदिर में पुजारी बाबूलाल वैष्णव कई साल पूजापाठ करते आ रहे थे। पुजारी की गुजर-बसर के लिए गांव के लोगों ने कुछ जमीन मंदिर के नाम कर रखी थी। पंचायत ने भी यह जमीन मंदिर के नाम करवा देने की सहमति दे दी थी। हालांकि कैलाश मीणा के परिवार ने इस फैसले का विरोध किया, लेकिन पंचों ने पुजारी के पक्ष में फैसला दिया। सात अक्टूबर को कैलाश मीणा और उसके परिवार के कुछ लोग जब इस समतल की हुई जमीन पर कब्जा करने पहुंचे तो पुजारी ने इसका विरोध किया। इस बात को लेकर वाद-विवाद हुआ और कैलाश मीणा ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाबूलाल वैष्णव पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी।
तस्वीर भयावह है….लेकिन करौली में मंदिर के पुजारी के साथ कैसी दरिंदगी हुई यही सबसे बड़ा सबूत है..!!! pic.twitter.com/K5oSB5FtJF
— LP Pant (@pantlp) October 10, 2020
आज तक के इस दोगलेपन पर सोशल मीडिया पर यूजर्स उसे लताड़ लगा रहे हैं और #PujariBurntAlive ट्रेंड करा रहे हैं।
Shameless Journalism of Aajtak.
First calls Rajasthan Pujari murder case as 'आत्मदाह'.
Then says- "अगर पुजारी के घर छत होता तो पुजारी नहीं जलता". pic.twitter.com/ICyxuSKpMn
— Ankur Singh (Modi Ka Parivar) (@iAnkurSingh) October 10, 2020
पुलिस इसे आत्मदाह कह रही है, गाँव वाले इसे हत्या बता रहे हैं… सोशल मीडिया पर 'मीणा' लोग जश्न मनाते दिख रहे हैं…#PujariBurntAlive https://t.co/hqc5pgS8Fq
— Ajeet Bharti (@ajeetbharti) October 10, 2020
Hahahaha…@aajtak trying every logic to pass the buck towards @narendramodi for the unthinkable crime of a priest being burnt alive for which @ashokgehlot51 is solely responsible#Pujari @Ra_THORe https://t.co/eLJ0prnFT3
— smita mishra 🇮🇳 (@missartola) October 10, 2020
https://twitter.com/AdvaitaKala/status/1314774114599530498?s=20
https://twitter.com/Vanshikaashrma/status/1314567274884296705?s=20
कांग्रेस वालो कुछ तो शर्म कर लो ऐसी मार्मिक घटना पे कुछ नहीं बोले क्योंकि यहाँ कोई #vote नहीं वाह #sameGahalot #same #Pujari #RajathanPujari https://t.co/D2JphDItcP
— NiftyView (@Niftyview_) October 10, 2020
@INCIndia के सर्वेसर्वा @RahulGandhi @priyankagandhi को यूपी के दलितों पर अत्याचार दिखता है लेकिन #राजस्थान के दलितों पर अत्याचार को उपलब्धि समझते है।#उप में #विकासदुबे जैसे गैंगस्टर ब्राह्मण दिखते है, #राजस्थान के ब्राह्मण पुजारी को जिंदा जलाया जाना उपलब्धि लगती है।#Pujari
— Amarendra 🚩🇮🇳🙏 (@Amarendra_IND) October 10, 2020
https://twitter.com/giggles_giga/status/1314902164523810818?s=20