कांग्रेस ने जिसे नेहरू सम्मान दिया, वो पूर्व PM महातिर कत्लेआम का समर्थन करता है, भारत का विरोध करता है… आखिर क्यों नहीं लिया जा रहा अवॉर्ड वापस

न्यूज़ डेस्क। फ्रांस के नीस शहर में स्थित एक चर्च में गुरुवार को एक आतंकी ने चाकू से हमला कर दिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना पर पूरे देश में रोष है और सभी फ्रांस के प्रति संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं। मगर इस बीच मलयेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने विवादित बयान दिया है। नीस आतंकी हमले का एक तरह से समर्थन करते हुए महातिर बिन मोहम्मद ने कहा कि मुस्लिमों को लाखों फ्रांसिसी नागरिकों को मारने का हक है।

कांग्रेस ने मलयेशिया के जिस पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को जवाहर लाल नेहरू सम्मान दिया, वो खुलेआम कत्लेआम का समर्थन करता है। जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत का विरोध करता है। फ्रांस में नीस हमले के बाद महातिर मोहम्मद ने बेहद भड़काऊ बयान देते हुए जमकर जहर उगला है। महातिर ने एक के बाद एक कुल 14 ट्वीट करते हुए लिखा है कि फ्रांस ने मुसलमानों पर जो अत्याचार किए, इसके लिए मुस्लिमों को पूरा अधिकार है कि वो लाखों-लाख फ्रांसीसियों को मौत के घाट उतारें। उन्होंने लिखा है कि मुस्लिमों को आक्रोशित होने का अधिकार है। ऐसे में यूजर्स सोशल मीडिया पर मांग कर रहे हैं कि आखिर महातिर मोहम्मद से अवॉर्ड वापस क्यों नहीं लिया जा रहा है।

नीस हमले का जिक्र किए बगैर महातिर ने गुरुवार को ‘दूसरों का सम्मान कीजिए’ नाम से लिखे अपने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि मुस्लिमों को गुस्सा करना का अधिकार है और अतीत में किए गए नरसंहारों के लिए लाखों फ्रांसीसी नागरिकों को मारने का भी पूरा हक है। मगर अभी तक मुस्लिम आंख के बदले आंख की ओर नहीं बढ़े हैं। मुस्लिम ऐसा नहीं करते। फ्रांस को भी ऐसा नहीं करना चाहिए। इसके बदले फ्रांस को अपने नागरिकों को दूसरे की भावनाओं का ख्याल करना की सीख देनी चाहिए।’ महातिर ने 18 वर्षीय लड़के द्वारा कक्षा में पैगंबर के कार्टून दिखाने पर फ्रांसीसी शिक्षक सैमुअल पैटी की हत्या की घटना का जिक्र किया।

https://twitter.com/IamINDRAJIT99/status/1322065888879599616?s=20

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