लोकसभा में प्रधानमंत्री कांग्रेस को घेरते हुए बोले- बांटो और राज करो की नीति को कांग्रेस ने अपना चरित्र बना लिया है, आज कांग्रेस टुकड़े टुकड़े गैंग की लीडर बन गई है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए बहस का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने महान गायिका लता मंगेशकर को श्रद्धांजिल दी। उन्होंने कहा कि देश ने आदरणीय लता दीदी को खो दिया है। इतने लंबे काल तक जिनकी आवाज ने देश को मोहित किया, देश को प्रेरित भी किया, देश को भावनाओं से भर दिया। मैं आज आदरणीय लता जी को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना काल के बाद विश्व एक नए वर्ल्ड आर्डर की तरफ, नई व्यवस्थाओं की तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक ऐसा टर्निंग प्वाइंट है कि हम लोगों को एक भारत के रूप में इस अवसर को गंवाना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि इस परिपेक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव अपने आप में एक प्रेरक अवसर है। उस प्रेरक अवसर और नए संकल्पों को लेकर देश जब आजादी के 100 साल मनाएगा, तब तक हम पूरे सामर्थ्य से,पूरी शक्ति से, पूरे संकल्प से देश को उच्चतम स्तर पर लेकर पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि पहले गैस कनेक्शन स्टेटस सिंबल हुआ करता था। अब गरीब से गरीब व्यक्ति तक इसकी पहुंच है और यह बहुत खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने सालों के बाद गरीब के घर में रोशनी होती है, तो उसकी खुशियां देश की खुशियों को ताकत देती हैं। गरीब के घर में गैस का कनेक्शन हो, धुएं वाले चूल्हे से मुक्ति हो तो उसका आनंद कुछ और ही होता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर आप जमीन से जुड़े हुए होते, जनता के बीच में नजर आते तो जरूर आप लोगों को यह चीज दिखाई देती। आप लोगों में से बहुत से लोग ऐसे हैं जिनकी सुई 2014 में अटकी हुई है और उससे आप बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उसका नतीजा भी आपको भुगतना पड़ा है, देश की जनता आपको पहचान गई है। कुछ लोग पहले पहचान गए, कुछ लोग देर से और कुछ लोग आगे वाले समय में पहचान जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नागालैंड के लोगों ने आखिरी बार 1998 कांग्रेस के लिए वोट दिया था, करीब 24 साल हो गए। ओडिशा ने 1995 में आपके लिए वोट किया था, सिर्फ 27 साल हो गए आप लोगों को एंट्री नहीं मिली। गोवा में 1994 में कांग्रेस की पूर्व बहुमत की सरकार बनी थी, 28 साल हो गए गोवा ने आपको स्वीकार नहीं किया। पिछली बार 1988 में त्रिपुरा की जनता ने मतदान दिया था। कांग्रेस का हाल है यूपी, बिहार और गुजरात। आखिर में 1985 करीब 37 साल पहले आपको वोट दिया था। पश्चिम बंगाल के लोगों ने 1972 में करीब 50 साल पहले आपको पसंद किया था। तमिलनाडु के लोगों ने 1962 में कांग्रेस को मौका दिया था।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना बनाने का श्रेय कांग्रेस लेती है लेकिन उसका गठन होने के बाद भी वहां की जनता ने आपको स्वीकार नहीं किया। झारखंड का जन्म हुए 20 साल हो गए, पूर्णरूप से बहुमत नहीं मिला, पिछले दरवाजे से जाने की कोशिश करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सवाल चुनाव और नतीजों का नहीं है। सवाल उन लोगों की नीयत का है। इतने बड़े लोकतंत्र में रहने के बावजूद देश की जनता हमेशा-हमेशा के लिए उन्हें क्यूं नकार रही है ? जहां पर लोगों ने ठीक से राह पकड़ ली है वहां पर दोबारा आपको प्रवेश नहीं करने दिया है। इतना पराजय होने के बाद भी आपका अहंकार नहीं जाता है।

उन्होंने कहा कि वो जब दिन को रात कहें तो तुरंत मान जाऊं, अगर नहीं मानोगे तो वो दिन में नकाब ओढ़ लेंगे। जरूरत हुई तो हकीकत को थोड़ा-बहुत मड़ोड़ लेंगे, वो मगरूर है खुद की समझ पर बेइंतहा, उन्हें आईना मत दिखाओ वो आइने को भी तोड़ देंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कोरोना काल में कांग्रेस ने हद कर दी। पहली लहर के दौरान देश जब लॉकडाउन का पालन कर रहा था, जब विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनिया भर को सलाह देता था, सारे हेल्थ एक्सपर्ट कह रहे थे कि जो जहां है वहीं पर रुके। तब कांग्रेस के लोगों ने मुंबई के रेलवे स्टेशन पर खड़े रहकर मुंबई के श्रमिकों को जाने के लिए उनको टिकट दिया गया, लोगों को जाने के लिए प्रेरित किया गया। न्होंने कहा कि बीते 2 सालों में 100 साल का सबसे बड़ा वैश्विक महामारी का संकट पूरी दुनिया की मानव जाति झेल रही है। जिन्होंने भारत के अतीत के आधार पर ही भारत को समझने का प्रयास किया, उनकों तो आशंका थी कि शायद भारत इतनी बड़ी लड़ाई नही लड़ पाएगा, खुद को बचा नहीं पाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केवल सरकारें ही सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती हैं। 2014 से पहले हमारे देश में सिर्फ 500 स्टार्ट-अप थे, लेकिन पिछले 7 साल में देश में 60 हजार से अधिक स्टार्ट-अप काम कर रहे हैं। ये हमारे युवाओं की ताकत को दर्शाता। कुछ लोगों को देश के नौजवानों को, देश के एंटरप्रेन्योरश को, देश के वेल्थ क्रिएटर्स को डराने और भयभीत करने में आनंद आता है। लेकिन देश का नौजवान उनकी बातें सुन नहीं रहा है, इसीलिए देश आगे बढ़ रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो इतिहास से सबक नहीं लेते हैं, वो इतिहास में खो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने 50 वर्षों तक देश की सरकारें चलाई, मेक इन इंडिया को लेकर उनका क्या रवैया था, इसके लिए सिर्फ डिफेंस सेक्टर को हम देखें तो सारी बातें समझ आती हैं कि वो क्या करते थे, कैसे करते थे, क्यों करते थे और किसके लिए करते थे। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया की सफलता आप लोगों (कांग्रेस) को कितना दर्द दे रही है, यह मैं भली-भांति समझ पा रहा हूं। कुछ लोगों को इस बात से तकलीफ है क्योंकि मेक इन इंडिया का मतलब है कि कमीशन के रास्ते, भ्रष्टाचार के रास्ते और तिजोरी भरने के रास्ते बंद हो गए।

इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैं आपसे फिर कहता हूं कि आजाद हिन्दुस्तान है, आजाद हिन्दुस्तान की सालगिरह हम मनाते हैं लेकिन आजादी के साथ जिम्मेदारी होती हैं। जिम्मेदारी खाली हुकूमत की नहीं बल्कि हर एक आजाद शख्स की होती है और अगर आप उस जिम्मेदारी को महसूस नहीं करते, अगर आप समझते नहीं हैं तो पूरे तौर पर आप आजादी के मायने नहीं समझे और उसे पूरे तौर पर बचा नहीं सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस बजट में भी हमने प्रावधान किया है कि ज्यादा से ज्यादा रक्षा उपकरण हम भारत में ही बनाएंगे, भारतीय कंपनियों से ही खरीदेंगे। बाहर से लाने के रास्ते बंद करने की दिशा में हम कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं की जरूरतों को पूरी करने के अलावा हम एक बड़ा डिफेंस एक्सपोर्टर बनने का सपना लेकर चल रहे हैं। मुझे विश्वास है कि ये संकल्प भी पूरा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं जानता हूं कि रक्षा सौदों में कितनी बड़ी ताकतें अच्छे-अच्छों को खरीद लेती थी। ऐसी ताकतों को मोदी ने चुनौती दी है। इसलिए मोदी पर उनका गुस्सा होना भी स्वाभाविक है और ये गुस्सा समय समय पर प्रकट भी होता रहता है।

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