रूस के साथ हुआ बड़ा करार, भारत में होगा एके-203 राइफल्स का निर्माण, पीएम मोदी और पुतिन की दोस्ती से दोनों देशों के रिश्ते हुए मजबूत

न्यूज़ डेस्क। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सिर्फ छह घंटे का भारत दौरा दोनों देशों के लिए बेहद अहम हैं क्योंकि भारत और रूस अपनी ‘दोस्ती’ के 50 साल पूरे कर रहे हैं। वहीं साल 2021 में भारत की यात्रा से पहले राष्ट्रपति पुतिन ने सिर्फ़ एक विदेश यात्रा की है, जब वह अमेरिका के अपने समकक्ष राष्ट्रपति जो बाइडन से जिनेवा में मिले थे। मोदी सरकार ने भी रूस के साथ रिश्तों को और मजबूती देने की कोशिश की है। भारत पश्चिमी देशों खासकर अमेरिका की परवाह किए बिना रूस से सैन्य उपकरण और बड़े हथियार खरीद रहा है, जिनमें एस-400 मिसाइल, टैंक्स, छोटे हथियार, एयरक्राफ्ट्स, शिप्स, कैरियर एयरक्राफ्ट और सबमरीन्स शामिल हैं।

भारत और रूस ने हथियार निर्माण पर सोमवार (06 दिसंबर, 2021) को एक बड़ी डील की। दोनों देशों के बीच 5,200 करोड़ रुपये की कलाश्निकोव डील हुई। इस समझौते के तहत यूपी के अमेठी में अगले दस वर्षों तक करीब छह लाख एके-203 असाल्‍ट राइफल का निर्माण होगा। इस डील पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोयगू ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत और रूस के बीच रक्षा करार अभूतपूर्व तरीके से आगे बढ़े हैं।

राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मज़बूत व्यक्तिगत संबंधों ने दोनों देशों के कूटनीतिक और सामरिक रिश्तों को नई ऊर्जा दी है, क्योंकि पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी अच्छे दोस्त हैं और कई मौकों पर दोनों यह साबित भी कर चुके हैं। क्रेमलिन में बुधवार (1 दिसंबर, 2021) को राष्ट्रपति पुतिन ने विदेशी राजदूतों से परिचय प्राप्त करने के समारोह में कहा था कि वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ रूस-भारत के आपसी संबंधों को और व्यापक पैमाने पर विकसित करने की पहल पर चर्चा करने का इरादा रखते हैं। उधर हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी रूस की न्यूज़ एजेंसी टीएएसएस से बातचीत के दौरान कहा था वह कैसे पुतिन के एक दोस्त की ख़ातिर आत्म-बलिदान देने के व्यवहार की इज़्जत करते हैं। उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि दोनों नेताओं की दोस्ती बेहद सहज-सरल है और उनके बीच का संबंध बेहद स्वाभाविक है।

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