भारतीय सेना मजबूत, चीन को हरा सकती है, देशहित मे खड़े हो, राजनीति न करे राहुल गाँधी, घायल जवान के पिता ने दिया जवाब, शाह ने किया वीडियो रीट्वीट

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गवलान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में घायल हुए भारतीय सेना के जवान के पिता का एक वीडियो ट्वीट किया है। इस वीडियो में घायल जवान का पिता कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सरकार पर आरोप लगाने वाले बयान की आलोचना कर रहे हैं।

गृहमंत्री अमित शाह ने ANI का एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया कि एक बहादुर जवान के पिता बोल रहे हैं और उनके पास राहुल गांधी के लिए एक बहुत स्पष्ट संदेश है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब पूरा देश एकजुट है, राहुल गांधी को भी घटिया राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित के साथ एकजुटता में खड़ा होना चाहिए।

होम मिनिस्टर अमित शाह ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें गलवान घाटी में घायल भारतीय सैनिक के पिता कह रहे हैं कि भारतीय सेना एक मजबूत सेना है और चीन को हरा सकती है। राहुल गांधी इसमें राजनीति न करें… मेरे बेटे ने सेना में लड़ाई लड़ी और सेना में लड़ता रहेगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने भारतीय क्षेत्र चीन को सौंप दिया है। उन्होंने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री ने चीनी आक्रामकता के आगे भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया है।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर यह भूमि चीन की थी तो हमारे सैनिक क्यों शहीद हुए? वे कहां शहीद हुए?

गौरतलब है कि मोदी ने भारत-चीन तनाव पर शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा कि न कोई हमारे क्षेत्र में घुसा और न ही किसी ने हमारी चौकी पर कब्जा किया है। प्रधानमंत्री ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़पों को लेकर बुलाई गई इस बैठक के अंत में कहा कि चीन ने जो किया है उससे पूरा देश आहत और आक्रोशित है।

शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गलवान में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प को लेकर भारतीय सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि-अब यह स्पष्ट हो गया है कि: 1. गलवान में चीनी हमला पूर्व नियोजित था। 2. भारत सरकार सो रही थी और उसने समस्या से इनकार कर दिया था। 3. इसकी कीमत हमारे शहीद जवानों को चुकानी पड़ी।

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