श्रावण मास के पहले सोमवार को पहली बार बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ का भक्तों ने किया ऑनलाइनदर्शन

न्यूज़ डेस्क। झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशानुसार श्रावण मास के प्रथम दिन ही यहां स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम और दुमका स्थित बासुकीनाथ मंदिर में भगवान शंकर के पूजन एवं श्रृंगार का दर्शन भक्तों ने ऑनलाइन किया। आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि श्रावण माह के प्रथम दिन देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में सरदार पंडा गुलाबानंद ओझा ने गर्भगृह में पूजन एवं श्रृंगार प्रातः पौने पांच से साढ़े पांच बजे तक किया। जिसका तय वेबसाइट तथा टीवी चैनलों के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया और पूरे विश्व में भक्तों ने इसका आनंद उठाया। उन्होंने बताया कि प्रातः कालीन पूजा के बाद मंदिर के कपाट सुबह साढ़े पांच बजे बंद कर दिये गये।

उन्होंने बताया कि इसके बाद मध्याह्न पूजन तथा सायं पूजन के भी ऑनलाइन प्रसारण की व्यवस्था की गयी है। झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार मंदिर में सिर्फ पंडा समाज को ही प्रवेश की अनुमति दी गयी है। भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा वैद्यनाथ धाम में प्रति वर्ष सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु प्रति दिन दर्शन पूजन एवं अभिषेक करते हैं लेकिन इस वर्ष कोविड-19 के चलते आम भक्तों के लिए मंदिर नहीं खोला गया है। दुमका की उपायुक्त राजेश्वरी बी ने बताया कि बासुकीनाथ मंदिर में भी भक्तों के लिए पूजन एवं श्रृंगार के ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की गयी है और बंदी के दौरान मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है।

उपायुक्त राजेश्वरी बी की अध्यक्षता में रविवार को अधिकारियों एवं मंदिर के पंडा समाज के सदस्यों के साथ बैठक की हुई जिसमें उपायुक्त ने बताया कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण झारखंड सरकार और उच्च न्यायालय ने बाबा बासुकीनाथ मंदिर को बंद रखने का आदेश दिया है। कोरोना वायरस के कारण इस बार श्रावणी मेले का आयोजन भी निलंबित रखा गया है। झारखंड सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा था कि वह देवघर में वैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिरों को भक्तों के लिए खोलने की स्थिति में नहीं है क्योंकि अभी इससे कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

इसे भी देखें