Rudraksh : आपने भी किया हुआ है रुद्राक्ष धारण? भूलकर भी ना करें ये गलतियां, फायदे की बजाय होने लगेगा नुकसान

धर्म डेस्क। रुद्राक्ष को हिंदू धर्म में काफी पवित्र माना गया है। इस ज्योतिष महत्व होता है। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसूओं से हुई थी। इसलिए इस भगवान शिव (Lord Shiva) का स्वरूप माना गया है। प्राणियों के कल्याण के लिए जब कई सालों तक ध्यान करने के बाद भगवान शिव ने आंखें खोलीं, तब आंसुओं की बूंदे गिरीं और धरती मां ने रुद्राक्ष (Rudraksh) के पेड़ों को जन्म दिया। बहुत से लोग रुद्राक्ष को धारण करते हैं।रुद्राक्ष (Rudraksh Ke Niyam) एक मुखी से लेकर चौदह मुखी तक होते हैं। हर रुद्राक्ष का अपना अलग महत्‍व है। ऐसे में रुद्राक्ष (Kaise Dharan Kare Rudraksh) को धारण करते समय कुछ नियमों का पालन करना काफी जरूरी होता है। रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को इन नियमों का पालन करना चाहिए वरना भगवान शिव रूठ सकते हैं।

रुद्राक्ष धारण करने के नियम :

  • किसी दूसरे का पहना हुआ रुद्राक्ष कभी न पहनें और न ही अपना रुद्राक्ष किसी और को पहनाएं। इसकी माला बनवाते समय ध्यान रखें कि उसमें कम से कम 27 मनके जरूर हों।
  • इसे गंदेो हाथों से कभी भी ना छुएं। इसे हमेशा स्नान के बाद ही धारण करना चाहिए।
  • रुद्राक्ष को हमेशा लाल या पीले रंग के धागे में ही धारण करें। इसे कभी काले धागे में नहीं पहनना चाहिए।
  • अगर आपने रुद्राक्ष धारण किया हुआ है तो मांसाहार का सेवन ना करें। ऐसा करने से आपको केवल नुकसान ही होगा।
  • रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को प्रतिदिन भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।

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