वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी-डेल्टा से ज्यादा खतरनाक है ओमिक्रॉन, फिर से लॉकडाउन को रहें तैयार

न्यूज़ डेस्क। भारत में भी अब कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन के केसेज बढ़ते जा रहे हैं। अबतक 14 राज्यों में 220 ओमिक्रॉन के मरीज पाए गए हैं। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने कहा है कि कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन पहले के डेल्टा के मुकाबले तीन गुना अधिक संक्रामक है और तेजी से फैल रहा है। इसे देखते हुए सभी राज्यों को अपनी तरफ से सतर्कता बरतते हुए पूरी तैयारी रखनी चाहिए। एक्सपर्ट्स ने भी सलाह दी है कि ओमिक्रॉन को नियंत्रित करना जरूरी है और इसके लिए सभी उपायों पर अब विचार किया जाना चाहिए।

केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लिखे एक पत्र में कहा है कि वे कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर सावधानी बरतें और किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें। इसमें कहा गया है कि भले ही कम मामले दर्ज किए जाएं लेकिन इन पर पूरी नजर रखनी है और स्थानीय स्तर तथा जिला स्तर पर सक्रिय कदम उठाएं जाएं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि मौजूदा वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर कहा जा सकता है कि ओमिक्रॉन डेल्टा के मुकाबले तीन गुना अधिक संक्रामक है। इसके अलावा डेल्टा वेरिएंट अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है और वह देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद हैं. इसे देखते हुए अधिक दूरदर्शिता, आंकड़ों के त्वरित और सटीक विश्लेषण, मौके की नजाकत को समझते हुए निर्णय लेने की क्षमता, कड़े एंव त्वरित कंटेनमेंट जोन बनाए जाने का कार्य स्थानीय और जिला स्तर पर जरूरी है।

केन्द्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे कोविड प्रभावित आबादी के उभरते मामलों, इसके भौगोलिक प्रसार, अस्पतालों के बुनियादी ढांचों और उपलब्ध कार्यबल के बेहतर इस्तेमाल, कंटेनमेंट जोन को अधिसूचित करने और जिला स्तर पर कंटेनमेंट जोन के आकार तथा इन्हें कड़ाई से लागू करने की दिशा में अभी से योजना बना लें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसे स्थानीय स्तर पर ही रोक दिया जाए।

केन्द्र ने राज्यों को सलाह दी है कि उन्हें इस बात पर नजर रखनी है कि पिछले हफ्ते में टेस्ट पॉजिटविटी रेट 10 रहा था या अधिक दर्ज किया गया था और अस्पतालों में बिस्तरों पर मरीजों की संख्या कुल संख्या का 40 प्रतिशत है या अधिक है और कितने लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता है या आईसीयू बिस्तरों पर हैं।

इसमें राज्यों को कंटेनमेंट प्रकिया, कोरोना जांच, संपर्क सूत्रों का पता लगाने , निगरानी, विकट स्थितियों में स्वास्थ्य प्रणाली का प्रबंधन करने, कोरोना वैक्सीनेशन और कोरोना से बचाव के लिए उपयुक्त व्यवहार मानकों का पालन कराने पर जोर दिया गया है।

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