संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वालों को कोरोना टेस्ट कराने की जरूरत नहीं, जब तक कि…

नई दिल्ली। देश में कोरोना और उसके नए ‘ओमिक्रॉन’ (Omicron) वेरिएंट की रफ्तार काफी तेजी से बढ़ रही है। भारत में रोजाना दर्ज किये जाने वाले मामलों में काफी बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें सतर्क हैं। राज्य सरकारों ने कई पाबंदियों का ऐलान किया है। इन सबके बीच केंद्र सरकार ने कोरोना टेस्टिंग के लिए नई गाइडलाइंस जारी (New Covid Testing Guidelines) की है। केंद्र सरकार की तरफ से जारी नए दिशा निर्देश में कहा गया है कि कोरोना मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को कोविड टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है, जब तक उनकी पहचान ज्यादा जोखिम (High Risk) वाले व्यक्ति के तौर पर न हो। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि लक्षण वाले मरीजों की जल्द से जल्द पहचान हो और उन्हें सही समय पर आइसोलेशन के साथ उचित इलाज दिया जाए। बुजुर्गों और अन्य गंभीर बीमारियों के शिकार लोगों में संक्रमण की पहचान में तेजी लाई जाए। खासकर हाइपरटेंशन, फेफड़े और किडनी से जुड़ी बीमारियों, मोटापा आदि मामले में।

उधर, केंद्र सरकार ने एक बार फिर कोरोना को लेकर चेताया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को चिट्ठी लिखकर कहा कि फिलहाल एक्टिव केस के 5 से 10 फीसदी मामलों में ही मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है। हालांकि, स्थिति में तेजी से बदलाव हो सकता है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कोविड वैक्सीनेशन सेंटर्स (COVID Vaccination Centres) रात 10 बजे तक भी खोले जा सकते हैं। केंद्र ने राज्यों को लिखी चिट्ठी में कहा कि कोविड टीकाकरण केंद्रों की टाइमिंग निर्धारित नहीं है। इसे जरूरत के हिसाब से तय किया जा सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर अगर हो तो रात 10 बजे तक वैक्सीनेशन सेंटर्स खोले जा सकते हैं।

उधर, देश में सोमवार को कोरोना संक्रमण के 1,79,729 मामले सामने आए और इस दौरान 146 लोगों की जान चली गई। वहीं देश में कोरोना संक्रमण के मामला बढ़कर अब 3,57,07,727 पहुंच चुका है। वहीं कुल मरने वालों की संख्या 4,83,936 हो चुकी है। देश में फिलहाल कोरोना के 7,23,619 एक्टिव मरीज हैं। वहीं, अबतक कुल 3,45,172 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं।

देश में ओमिक्रॉन संक्रमण के मामले भी तेजी से फैल रहे हैं। महाराष्ट्र और राजस्थान में ओमिक्रॉन के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। देश में ओमिक्रॉन के कुल 4,033 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं महाराष्ट्र में 1,216, राजस्थान में 529 मामले सामने आए हैं। बता दें कि ओमिक्रॉन के कुल 4,033 मामलों में से कुल 1,552 लोगों को इलाज कर ठीक किया जा चुका है।

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