बिहार: एक युवक की भूख बन रही है क्वारेंटाइन सेंटर की परेशानी का कारण, वह अकेले ही खा जाता है 10 से 15 लोगों का खाना, फिर भी नहीं भरता पेटूराम का पेट

पटना। पूरे देश में कोरोनावायरस का संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बिहार में भी इस संक्रमण का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बिहार में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 3100 के आसपास पहुंच चुकी है। पटना, रोहतास, मधुबनी, बेगूसराय, मुंगेर, खगरिया और कटिहार सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से हैं। पटना और रोहतास में तो संक्रमित मरीजों की संख्या 200 के पार है। अच्छी बात यह है कि लगभग 1000 के आसपास मरीज इस संक्रमण से मुक्त हो गए हैं। हालांकि बिहार में यह संक्रमण न फैले, इसको लेकर सरकार की ओर से कई उपाय किए जा रहे हैं। इन्हीं उपायों के तहत दूसरे राज्यों से लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है।

क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले लोगों के लिए सरकार सारी व्यवस्थाएं कर रही है। सरकार उनके रहने और खाने के लिए जरूरी सामान आपूर्ति कर रही है। हालांकि यह बात भी सच है कि बिहार के क्वारंटाइन सेंटर की दुर्दशा को लेकर खूब खबरें सामने आई। दूसरी ओर स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्वारंटाइन सेंटर में प्रवासित लोगों से बातचीत कर रहे हैं। इन सबके बीच बक्सर के एक क्वारंटाइन सेंटर से दिलचस्प खबर आई है। दरअसल इस क्वारंटाइन सेंटर में एक युवक ने सभी को परेशान कर रखा है। युवक की आदतों से लोग तो हैरान है ही, वहां खाना बनाने वाला रसोईया भी परेशान है।

परेशानी का कारण युवक का भूख है। दरअसल युवक खाने-पीने के मामले में उस्ताद है। उसके भोजन के इंतजाम को लेकर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। युवक की खुराक सभी को हैरान करने वाली है। अकेले वह 10 से 15 लोगों का खाना खा जाता है। उसे नाश्ते में कम से कम 40 रोटी और 10 प्लेट चावल चाहिए होता है। उसकी खुराक का कोटा तो यह है कि वह एक बार में 80 लिट्टी तक खा जाता है। लेकिन फिर भी इस पेटूराम का पेट नहीं भर पाता है। इस युवक का नाम अनूप ओझा है। अनूप बिहार के बक्सर जिले के मंझवारी क्वारंटाइन सेंटर में रह रहा है। अनूप की आदतों से परेशान होने के बाद संभवत उसे घर जाने के लिए कह दिया गया है। अनूप राजस्थान से बिहार पहुंचा है।

उस क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले बाकी प्रवासियों का कहना है कि कुछ दिन पहले खाने में लिट्टी बना था। 80 लीटर खाने के बाद भी उसका पेट नहीं भरा। यह सभी को हैरान कर रहा था। इतना सब कुछ खाने के बाद भी 23 वर्षीय अनूप का पेट खाली खाली लगता था। ऐसा खुद अनूप में ही दावा किया है। मीडिया कर्मियों से बातचीत में उन्होंने शरमाते हुए बताया कि 20 लिट्टी खाने के बाद 53 रोटी चट कर गये। प्रखंड के अधिकारी भी अनूप की खुराक को देखकर हैरान और परेशान है। जब क्वारंटाइन सेंटर में खाने की चीजें खत्म होने लगी तो इसके कारण की जांच की गई। तब यह मामला सामने आया। अधिकारियों को जब विश्वास नहीं हुआ तो वे खुद क्वारंटाइन सेंटर पहुंच गए। फिर उन्होंने जो देखा वह उन्हें भी हैरान कर गया।

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