योगी की मुरीद हुई पाक मीडिया दी सलाह – योगी मॉडल अपनाए इमरान सरकार, कहा- फेल हुई महाराष्ट्र सरकार

न्यूज़ डेस्क। कोविड-19 वायरस आपदा से निपटने की दिशा में उत्तर प्रदेश में किए गए कार्यों की धमक अब पाकिस्तान तक सुनाई दे रही है। पाकिस्तान में लोग योगी मॉडल की तारीफ कर रहे हैं और वहाँ उसी अनुरूप काम करने की सलाह दे रहे हैं। पाकिस्तानी अख़बार ‘डॉन’ के रेजिडेंट एडिटर फहद हुसैन ने एक ग्राफ शेयर किया। इस ग्राफ में पाकिस्तान और उत्तर प्रदेश में मृत्यु दर की तुलना की गई है। उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान ने यूपी के मुकाबले काफ़ी घटिया प्रदर्शन किया है।

उन्होंने ध्यान दिलाया कि कमोबेश उत्तर प्रदेश और पाकिस्तान की जनसंख्या और साक्षरता दर सामान ही है। उलटा यूपी के मुकाबले पाकिस्तान में प्रति किलोमीटर जनसंख्या डेंसिटी कम है और प्रति व्यक्ति GDP ज्यादा है। फहद ने आगे लिखा कि उत्तर प्रदेश की सरकार लॉकडाउन को लेकर सख्त थी और उसने इसका कड़ाई से पालन करवाया। उन्होंने अफ़सोस जताया कि पाकिस्तान में ऐसा संभव नहीं हो सका।

साथ ही उन्होंने पूछा कि आखिर पाकिस्तान में इतने लोगों को जान क्यों गँवानी पड़ी? अगर उत्तर प्रदेश और पाकिस्तान के आँकड़ों की तुलना करें तो जहाँ यूपी में 10261 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं, वहीं पाकिस्तान में ये संख्या साढ़े 9 गुना से भी ज्यादा 98943 तक पहुँच चुकी है। पाकिस्तान में इससे मरने वालों की संख्या भी 2000 के पार हो गई है जबकि यूपी में ये आँकड़ा 275 है। फहद ने इसी अंतर की ओर ध्यान दिलाया।

योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने यूपी सीएम को कर्मयोगी बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों और सफलता की गूँज सीमा पार पड़ोसी मुल्कों में भी सुनाई दे रही है। शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार अब इमरान खान की सरकार को कोरोना से लड़ाई में योगी-मॉडल अपनाने की सलाह दे रहे हैं और इसके लिए प्रामाणिक तथ्य भी रख रहे हैं।

पत्रकार फहद ने इसके अलावा महाराष्ट्र से भी पाकिस्तान की तुलना की और दिखाया कि राज्य ने किस तरह काफ़ी बुरा प्रदर्शन किया है और सरकार वहाँ कोरोना से निपटने में नाकामयाब रही है। महाराष्ट्र में कोरोना के मरीजों की संख्या 85,975 तक पहुँच गई है, जो पाकिस्तान के आँकड़ों से बहुत ज्यादा कम नहीं है। मरने वालों की संख्या 3060 हो गई है, जो पाकिस्तान से डेढ़ गुना ज्यादा है। फहद ने लिखा कि महाराष्ट्र की सरकार इस मामले में एकदम फेल रही है।

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