अंतरिक्ष से लेकर RuPay तक भारत-भूटान के बीच हुए 9 महत्वूर्ण क्षेत्रों में करार

थिम्पू। भारत और भूटान ने अंतरिक्ष, विज्ञान, इंजीनियरिंग, न्यायिक और संचार सहित 9  क्षेत्रों में सहयोग के करारों पर हस्ताक्षर किये हैं। भूटान की दो दिन की यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वहां के प्रधानमंत्री लोतेय शेरिंग के बीच शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।

अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में निदेशक और भूटान के सूचना और संचार मंत्रालय में निदेशक ने हस्ताक्षर किये। इससे भूटान को संचार, लोक प्रसारण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मदद मिलेगी। भूटान की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बैंडविड्थ और ट्रांसपोंडर भी उपलब्ध कराया जायेगा।

नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में सहयोग के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय में महानिदेशक अरविंद हांडा और भूटान के सूचना और संचार मंत्रालय में कार्यकारी सचिव पेम्बा वांगचुक ने हस्ताक्षर किये। शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत में नेशनल नॉलेज नेटवर्क के परियोजना निदेशक आर एस मणि और भूटान के संचार मंत्रालय के निदेशक जिग्मे तेंजिन ने हस्ताक्षर किये।

दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग का समझौता भी किया और इसमें बिजली खरीद के समझौते पर भारत की पीटीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक दीपक अमिताभ तथा वहां की ड्रक ग्रीन पावर कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डी रिंजिन ने हस्ताक्षर किये।

न्यायिक क्षेत्र में सहयोग के लिए भूटान में भारत की राजदूत रुचिरा काम्बोज और भूटान के राष्ट्रीय विधि संस्थान के महानिदेशक लोबजांग रिंजिन ने हस्ताक्षर किये। भूटान के जिग्मे सिंग्ये वांगचुक स्कूल आफ लॉ और भारत के नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु के बीच सहयोग के समझौते पर भी हस्ताक्षर किये गये शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी और भूटान रॉयल विश्वविद्यालय ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, मुंबई और सिलचर के साथ भी सहयोग के समझौतों पर हस्ताक्षर किये।

भव्य स्वागत के बाद PM नरेंद्र मोदी ने भूटान दौरे पर भारत – भूटान के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया। PM मोदी ने कहा, 130 करोड़ भारतीयों के दिलों में भूटान एक विशेष स्थान रखता है। मेरे पिछले कार्यकाल के दौरान, प्रधानमंत्री के रूप में मेरी पहली यात्रा के लिए भूटान का चुनाव स्वाभाविक था। इस बार भी, अपने दूसरे कार्यकाल के शुरू में ही भूटान आकर मैं बहुत खुश हूं।

PM मोदी ने कहा, भारत और भूटान के संबंध दोनों देशों के लोगों की प्रगति, सम्पन्नता और सुरक्षा के साझा हितों पर आधारित है। भूटान की पंचवर्षीय योजनाओं में भारत का सहयोग आपकी इच्छाओं और प्राथमिकताओं के आधार पर आगे भी जारी रहेगा।
PM मोदी ने कहा, भूटान नरेशों की बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता ने लंबे समय तक हमारे द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन किया है। उनके विजन ने भूटान को दुनिया के सामने एक ऐसे उदाहरण की तरह प्रस्तुत किया है जहां विकास को आंकड़ों से नहीं, खुशियों से नापा जाता है।

PM मोदी ने कहा, मुझे बहुत खुशी है कि आज हमने भूटान में RuPay कार्ड को लॉन्च किया है। इससे डिजिटल भुगतान और व्यापार तथा पर्यटन में हमारे संबंध और बढेंगे।

PM मोदी ने कहा, हाइड्रोपावर दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। दोनों देशों ने भूटान की नदियों की शक्ति को बिजली में ही नहीं, पारस्परिक समृद्धि में भी बदला है।

PM मोदी ने कहा, भूटान के सामान्य लोगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से एलपीजी की आपूर्ति को 700 से बढ़ाकर 1000 मिट्रिक टन प्रतिमाह करने का फैसला किया है। इससे क्लीन फ्यूल गांवों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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