Ukraine-Russia War: एक्शन मोड में PM मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से फिर की बात, भारतीय छात्रों को यूक्रेन से सुरक्षित निकालने पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने बुधवार रात एक बार फिर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से बात की। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने पर चर्चा हुई। मालूम हो कि यूक्रेन में रूस के हमले के बाद PM मोदी और पुतिन की यह दूसरी बातचीत है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 24 फरवरी को पुतिन से बातचीत में हिंसा को तत्काल समाप्त करने की अपील की थी और राजनयिक वार्ता और वार्ता के रास्ते पर लौटने के लिए सभी पक्षों से ठोस प्रयास करने का आह्वान किया था।

उधर, यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी अभियान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक बार फिर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में NSA अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के अलावा कई आला अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, रूस की तरफ से यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाये जाने के बीच भारत ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द खारकीव छोड़ने की एडवाइजरी जारी की। एडवाइजरी में कहा गया है कि अगर कोई साधन नहीं मिले तो वहां से पैदल ही निकल जाएं।

उधर, दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बताया कि पहला परामर्श जारी होने के बाद से यूक्रेन की सीमा से करीब 17,000 भारतीय निकल गए हैं। उसने यह भी बताया कि भारतीयों को देश वापस लाने को लेकर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन गंगा’ अभियान के तहत पिछले 24 घंटे में छह उड़ान भारत पहुंच चुकी हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि यूक्रेन से निकासी अभियान के तहत अब तक कुल 15 उड़ान भारत आ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे मे 15 उड़ान निर्धारित की गई हैं जिनमें से कुछ रास्ते में हैं। इस अभियान में भारतीय वायु सेना को भी लगाया गया है।

रूस के सैन्य अभियान से बुरी तरह प्रभावित यूक्रेन में स्थित भारतीय दूतावास ने छात्रों सहित अपने सभी नागरिकों से बुधवार को कहा कि अपनी रक्षा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वे तुरंत खारकीव छोड़ दें। दूतावास ने कहा कि भारतीय नागरिक खारकीव से जल्द से जल्द निकलकर पेसोचिन, बाबाये और बेजलीयुदोव्का पहुंचें जो इसके करीब 16 किलोमीटर के दायरे में है। भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, ‘हर परिस्थिति में वे इन स्थानों पर आज यूक्रेन के समय अनुसार शाम छह बजे (1800) तक पहुंच जाएं। ’

दूतावास ने परामर्श में कहा कि जिन्हें वहां से निकलने के लिये कोई वाहन या बस नहीं मिल रही है और जो रेलवे स्टेशन पर हैं, वे पैदल ही पेसोचिन (11 किलोमीटर) , बाबाये (12 किलोमीटर) और बेजलीयुदोव्का (16 किलोमीटर) पहुंचे। गूगल मैप के अनुसार, ये स्थान खारकीव के बाहरी इलाके में प्रतीत होते हैं। यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने यह परामर्श ऐसे समय में दिया है जब यूक्रेन पर रूस के हमले के कारण इस पूर्वी यूरोपीय देश में हालात अत्यधिक खराब हो गए हैं। खासतौर पर खारकीव पर हमले तेज होने की खबरें आ रही हैं।

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