अयोध्या: रामजन्मभूमि परिसर में आज रुद्राभिषेक, 2 जुलाई को औपचारिक शिलान्यास की उम्मीद

अयोध्या। राम मंदिर निर्माण को लेकर आज यानी 10 जून से निर्माण कार्य शुरू होने के कयास पर विराम लग गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक 2 जुलाई को औपचारिक शिलान्यास होगा, जिसमें शरीक होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अयोध्या आने का न्यौता भेजा गया है। हालांकि आज का दिन पहले से प्रचारित था, लिहाजा परिसर में ही बने शिव मंदिर में रुद्राभिषेक का कार्यक्रम रखा गया है। ये कार्यक्रम करीब दो घंटे तक चलेगा।

रामजन्मभूमि परिसर में कुबेर टीले पर रुद्राभिषेक का कार्यक्रम होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास मुख्य पुजारी के तौर पर रुद्राभिषेक का नेतृत्व करेंगे।

संतों ने बताया कि रुद्राभिषेक का मकसद राम मंदिर निर्माण के निष्कंटक होने के लिए शिव आराधना करना है। महंत कमल नयन दास ने बताया कि लंका पर चढ़ाई से पहले श्री राम ने शिव की आराधना की थी। कुछ इसी तर्ज पर मंदिर निर्माण के महती काम को अंजाम देने से पहले भगवान शिव को प्रसन्न करने की ये कवायद है। राम जन्मभूमि परिसर के कुबेर टीले पर लोगों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी तय मानी जा रही है। हालांकि इस दौरान कोरोना के प्रकोप को देखते हुए सामाजिक दूरी का खयाल रखने की बात कही जा रही है।

माना जा रहा है कि आज ही अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास की तारीख औपचारिक तौर पर घोषित की जा सकती है। उम्मीद की जा रही है कि देवशयन एकादशी के मुहूर्त्त पर शिलान्यास समारोह आयोजित कराया जा सकता है। आगामी 2 जुलाई को ही देवशयन एकादशी है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस एकादशी के बाद चार महीने तक भगवान शयन के लिए चले जाते हैं।

उम्मीद की जा रही है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शरीक हो सकते हैं। न्यास के अधिकारी लगातार PMO के संपर्क में हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री ने औपचारिक न्यौता स्वीकार भी कर लिया है। बस तारीख तय होनी बाकी है।

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