दिवालिया होने जा रहे श्रीलंका को भारत ने बचाया तो उच्चायुक्त ने कहा- आप हमारे अर्थव्यवस्था की चाबी हो

नई दिल्ली। चीन ऐसा देश है जो किसी पर अपना हाथ रख दे तो उसे कंगाल बना देता है। क्योंकि चीन का कर्ज और उस देश की कंगाली दिन-दूनी रात चौगुनी बढ़ती है। यकीन ना हो तो पाकिस्तान की हालत देख लीजिए। लेकिन एक और देश अब इस कड़ी में जुड़ गया है। भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका कंगाली की राह में चल पड़ा रहा है। श्रीलंका में खाद्य से लेक मानव कल्याण पर संकट खड़ा हो गया है। श्रीलंका आज कंगाली की कगार पर खड़ा है और आर्थिक व मानवीय संकट गहरा गया है। खाने-पीने की कीमत आसमान छू रही है और रिकॉर्ड स्तर पर महंगाई है। विश्व बैंक का अनुमान है कि श्रीलंका में महामारी की शुरुआत के बाद से पांच लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे आ गए हैं। भारत श्रीलंका को डिफॉल्टर होने से बचाने के लिए आर्थिक मदद कर रहा है।

भारत में श्रीलंका के उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोडा ने कहा है कि श्रीलंका की डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि श्रीलंका अपनी अर्थव्यवस्था को उबारने की कोशिश में लगा हुआ है और भारत बड़ी मदद कर रहा है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जरूरी सेक्टर्स जैसे बिजली को लेकर भारत के साथ हमेशा से सहयोग रहा है। एक बार हम इन पर काम करना शुरू कर देंगे तो बाकी चिंताओं की कोई जगह नहीं रह जाएगी। उन्होंने आगे कहा, ‘बड़ी बात ये है कि हमारी नई अर्थव्यवस्था की चाबी भारत है।

श्रीलंका के वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे ने भारत से 2.4 अरब डॉलर के मदद की पुष्टि की है। बासिल राजपक्षे की भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात हुई। पिछले महीने राजपक्षे भारत दौरे पर आए थे और इसी दौरान ये बातचीत हुई थी। राजपक्षे ने कहा कि भारत का श्रीलंका से लंबे समय से सहयोग रहा है। बासिल ने भारत से इस मदद के लिए आभार जताया है।

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