जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सरपंच अजय पंडिता के परिवार को दी ₹20 लाख की अनुग्रह राशि, 14 जून को देशभर में प्रदर्शन की अपील

न्यूज़ डेस्क। हाल ही में दक्षिण कश्मीर में 8 जून को आतंकवादियों के हाथों मारे गए सरपंच अजय पंडिता भारती के परिवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने गुरुवार (11 जून, 2020) को 20 लाख रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान की है। रिपोर्ट्स के अनुसार जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने अजय पंडिता भारती के परिवार के सदस्यों के साथ मुलाकात की और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की।

उपराज्यपाल ने अजय पंडिता को श्रद्धांजलि भी अर्पित किया और कहा कि उनके द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा और उम्मीद जताई कि इस तरह के नृशंस कृत्य के अपराधियों को मानवता के खिलाफ अपने अपराध का एहसास होगा।

जम्मू-कश्मीर सरकार की तरफ से पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए, उपराज्यपाल ने वीरगति को प्राप्त सरपंच के परिवार को अनुग्रह राहत राशि प्रदान की। 20 लाख के राहत राशि में 5 लाख रुपए सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर से, 1 लाख रुपए प्रदेश (जम्मू) सरकार की तरफ से, 4 लाख रुपए उपराज्यपाल के रिलीफ फंड की तरफ से और 10 लाख रुपए पंचायत वेलफेयर फंड की तरफ से शामिल है।

वहीं सरपंच अजय पंडिता भारती की हत्या को लेकर कपिल मिश्रा ने इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ 14 जून को देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले हिंदुओ से सोशल डिस्टेंसिग को मद्देनजर रखते हुए इतिहास के सबसे बड़े वर्ल्डवाइड प्रोटेस्ट करने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा सभी लोग अपनी सुविधा अनुसार इस्लामिक आतंकवाद के विरोध में फ़ोटो, वीडियो, ऑडियो या संदेश वाले प्लेकार्ड के साथ सोशल मीडिया में अपनी फ़ोटो, शहर और देश के नाम के साथ पोस्ट और शेयर करने की बात की है।

साथ ही उन्होंने इस प्रदर्शन में एकजुटता की मिशाल पेश करने के लिए #HinduUnitedAgainstTerror लिख कर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कराने की बात भी कहीं हैं। और लोगों को ये संदेश दिया है कि अब हम चुप नहीं बैठेंगे।

ज्ञात हो कि, जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के लोकभवन लरकीपोरा में सरपंच अजय पंडिता की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि सोमवार (08 जून, 2020) की शाम करीब 6 बजे कुछ आतंकवादियों ने 40 वर्षीय सरपंच अजय पंडिता उर्फ भारती को गोली मार दी।

घटना को अंजाम देकर आतंकवादी मौके से फरार हो गए थे। घटना को उस समय अंजाम दिया गया था कि जब सरपंच अपने बागान में गए थे। आस-पास के लोगों ने पंडिता को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अजय पंडिता कॉन्ग्रेस से जुड़े हुए थे और लुकबावन इलाके के सरपंच थे।

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