कोरोना लॉकडाउन में नागरिकों को भूखे मार रहा चीन, क्वारंटीन शिविरों में कैद किए गए बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए चीन जीरो कोविड पॉलिसी पर जोर दे रहा है। इसके लिए चीनी सरकार सभी हदें पार करने के लिए भी तैयार है। फिर चाहे लोगों को घरों में कैद करना हो या फिर स्टील के बक्से में रखना। चीनी सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि शियाल में कोरोना का प्रकोप 5 जनवरी के बाद से अब काबू में है। हालांकि सरकार की ओर से नियमों को और ज्यादा कड़ा कर दिया गया है। लोग अभी भी अपने घरों से वापस नहीं निकल पा रहे हैं। हालत ये है कि लोगों के पास खाने जैसी मूलभूत चीजें भी खत्म हो गई हैं और त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।

9 जनवरी को एक लोकल समाचार एजेंसी से बात करते हुए शियान की एक निवासी ने कहा कि मैं कभी कोरोना पॉजिटिव हुई ही नहीं। तो फिर मेरा दरवाजा क्यों सील कर दिया गया है। कोई जियायिंग ने कहा कि हमारे आवासीय परिसर को 21 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। लॉकडाउन के कुछ दिनों में मैंने खुद को सांत्वना दी लेकिन बाद में मैं निराश हो गई और आज मैं पागल हो गई। उन्होंने बताया कि बीते तीन दिनों में वे और उनके पति सिर्फ थोड़ा सा खाना ही खरीद पाए हैं।

बक्से में बंद किए जा रहे लोग

ऑनलाइन शेयर किए जा रहे एक वीडियो में लोगों को लकड़ी के बिस्तर और शौचालय से सुसज्जित छोटे बक्से में दिखाया गया है। इस जगह पर उन्हें दो हफ्तों तक रहने के लिए मजबूर किया जाता है।

चीनी लॉकडाउन की भयावहता की 5 कहानी

  1. शंघाई में एक मां को अपने बच्चे के लिए रोता हुआ वीडियो सामने आया। बच्चे का वैक्सीन पासपोर्ट रेड आने पर उसे अपने परिवार से दूर कर दिया गया।
  2. प्राइमरी स्कूल के बच्चे को क्वारंटीन कैंप में ले जाया गया और उसके माता-पिता के बिना लॉक कर दिया गया।
  3. बच्चे को अकेले एक स्टील के बक्से में कैद कर दिया गया। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अनयांग शहर में अकेले चार हजार बच्चे अकेले क्वारंटीन कैंप में रह रहे हैं।
  4. चीन के हांगजू शहर में कोविड गार्ड सड़क पर मार्च करते नजर आ रहे हैं। वैक्सीन पासपोर्ट की चेकिंग, लोगों की औचक जांच और फिर जरा सी भी चूक की स्थिति में लोगों को ल़ॉक किया जा रहा है।
  5. चीन के जोगिस्तान शहर में हाथ में सूटकेस लिए शख्स बस की ओर भारता नजर आता है। ये शहर में लॉकडाउन की घोषणा के बाद का नजारा था। लोग पाबंदियों के भय से भागते नजर आए।

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