कोविड की नई लहर से यूरोप का हाल बेहाल, भारत को नहीं है खतरा?

नई दिल्ली। 28 दिसंबर को भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के 9195 केस मिले हैं। कोरोना वायरस से रिकवरी रेट 98.4 फीसद है जो कि मार्च 2020 के बाद सबसे अधिक है। कोविड के ओमिक्रोन वैरिएंट की बात करें तो भारत में अब तक 781 मामले रिपोर्ट हुए हैं। इसमें से 241 लोग रिकवर कर चुके हैं। ये जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है।

27 दिसंबर को भारत में कोरोना के 6531, 26 दिसंबर को 6987, 25 दिसंबर को 7189 केस रिपोर्ट हुए हैं। ये संक्रमण पहली नजर में बड़ी दिख सकती है लेकिन जब इसे दिसंबर के पहले हफ्ते से तुलना की जाती है तो कुछ और ही तस्वीर दिखती है। भारत में 20 से 26 दिसंबर तक करीब 46 हजार मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि इस संख्या में 49 हजार से गिरावट देखी गई है जो भारत ने 20 दिसंबर से पहले के सप्ताह में देखी थी।

देश में नए कोविड केस की संख्या, ओमिक्रेन वैरिएंट के केस और रिकवरी रेट में सुधार का डेटा अलग कहानी कहता है। जब ओमिक्रेन वैरिएंट को बड़े खतरे के तौर पर बताया जा रहा है लेकिन वास्तव में केस तेजी से नहीं फैल रहे हैं। भारत में कोविड रोगियों की वसूली दर में 6450 का सुधार हुआ है और मौजूदा वक्त में 98.4 फीसद है, जो मार्च 2020 के बाद सबसे अधिक है। यहां तक ​​कि भारत में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या में कम से कम 385 की गिरावट देखी गई है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घोषणा की है कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को 9 जनवरी से एहतिहाती खुराक दिया जाएगा। छोटे बच्चों को भी टीका दिए जाने की शुरुआत की जाएगी।

यरोप के देश ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण कोरोना वायरस के व्यापक प्रसार को नियंत्रित करने के लिए जूझ रहे हैं। वहीं भारत सरकार की तैयारियों के कारण नया वैरिएंट कुछ खास प्रकोप छोड़ने में अब तक नाकाम रहा है। भारत ने एक ही दिन में दो और कोविड टीके और एक एंटी-वायरल दवा को भी मंजूरी दी है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों को देश भर में टीकाकरण कार्यक्रमों में तेजी लाने में मदद मिली है।

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