Covid19: दिल्ली में कोरोना से मरने वाले 73 फीसद ने नहीं लगवाई थी वैक्सीन, 19 फीसद को लगी सिर्फ एक डोज

नई दिल्ली। भारत में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। अब देश में एक दिन में करीब ढाई लाख से ज्यादा नए कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। खासतौर पर नए वेरिएंट ओमीक्रोन (Omicron) के सामने आने के बाद भारत सहित पूरी दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है और तमाम देशों में कोरोना की नई लहर आ चुकी है। कोरोना (Coronavirus) से बचाव के लिए जितना जरूरी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) हैं, उतना ही जरूरी वैक्सीन (Covid Vaccine) भी है। वैक्सीन हमें कोरोना के गंभीर संक्रमण से बचाती है और कोरोना के कारण होने वाली मृत्यु के खतरे को भी कम करती है। इस बात का ताजा उदाहरण राजधानी दिल्ली से मिला एक आंकड़ा है। इस आंकड़े के अनुसार दिल्ली में मौजूदा दौर में कोरोना से होने वाली मौत में 73 फीसद लोग ऐसे थे, जिन्होंने एक भी वैक्सीन (Corona Vaccine) नहीं लगवाई थी। यह आंकड़ा दर्शा रहा है कि अगर आप वैक्सीन नहीं लगवाते हैं तो यह बिना हथियार के जंग में जाने जैसा है।

zee News की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल की शुरुआत में 5 जनवरी से 12 जनवरी के बीच दिल्ली में जिन लोगों की कोरोना से मौत हुई है, उनमें से 73 फीसद से ज्यादा ऐसे लोग थे, जिन्होंने एक भी वैक्सीन डोज नहीं लगवाई थी। यह बात सही है कि वैक्सीन आपको कोरोना संक्रमित होने से नहीं बचा सकती है, लेकिन उससे भी ज्यादा बड़ी और सही बात यह है कि वैक्सीन आपको गंभीर संक्रमण और मृत्यु के खतरे से काफी हद तक बचाती है। ऐसा ही आंकड़ा आर्थिक राजधानी मुंबई से भी सामने आया था। बीएमसी कमिश्नर आंकड़े पेश करते हुए बताया था कि मौजूदा दौर में जितनी भी मौत कोविड-19 के चलते हो रही हैं, उनमें से 96 फीसद ने एक भी टीका नहीं लगवाया था।

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने 5 जनवरी से 12 जनवरी के बीच का आंकड़ा जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग के इन आंकड़ों के अनुसार इस दौरान दिल्ली में 144 लोगों की कोविड19 बीमारी की वजह से मृत्यु हुई है। आंकड़े बताते हैं कि इन 144 में से 106 मरीज ऐसे थे, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगवाई थी। सरकार फ्री में कोरोना वैक्सीन लगा रही है और बार-बार वैक्सीन लगवाने का आग्रह भी कर रही है। इसके बावजूद आप वैक्सीन नहीं लगवाते हैं तो आप स्वयं ही मौत को न्योता दे रहे हैं। इन आंकड़ों के अनुसार 19 मरीज ऐसे थे, जिन्होंने कोरोना की सिर्फ एक ही डोज लगवाई थी। सिर्फ 19 ही लोग ऐसे थे, जिन्होंने दोनों डोज लगवाई थीं, इसके बावजूद उनकी मृत्यु हो गई।

zee News की एक रिपोर्ट के अनुसार मौत के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली में 9 से 12 जनवरी के बीच 97 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 35 लोग ऐसे थे, जिनकी उम्र 60 वर्ष या इससे ज्यादा थी। 37 अन्य लोगों की उम्र 41-60 साल के बीच थी. 9 जनवरी से 12 जनवरी के बीच कोरोना के कारण जान गवाने वाले 18 लोगों की उम्र 18-40 वर्ष थी। कोरोना के मरने वाले 7 मरीज ऐसे भी थे, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम थी। आंकड़ों को गौर से देखें तो कोरोना किसी भी उम्र के लोगों के लिए मौत का कारण बन सकता है। इससे बचाने का एकमात्र हथियार वैक्सीन है, इसलिए अगर आपने वैक्सीन नहीं लगवाई है तो तुरंत लगवा लें।

भारत में टीकाकरण कार्यक्रम को शुरू हुए लगभग एक साल हो चुका है। अब 15-18 आयु वर्ग के किशोरों को भी वैक्सीन लगवाई जा रही है, अगर आपके घर में इस उम्र के बच्चे हैं तो जल्द से जल्द उन्हें वैक्सीन लगवाएं और इस महामारी के खिलाफ उन्हें भी प्रोटेक्शन मुहैया करवाएं। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, फ्रंटलाइन वर्कर, स्वास्थ्यकर्मियों और गंभीर बीमारियों के साथ जीवन यापन कर रहे लोगों को तीसरी (Booster Dose) एहतियाती खुराक भी दी जा रही है। गौरतलब है कि देशभर में अब तक 155 करोड़ से ज्यादा कोविड वैक्सीन लग चुकी हैं।

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