असम: मुख्यमंत्री सरमा ने किनारे किया दीवाली पर पटाखों पर प्रतिबंध का आदेश, कहा – जनभावनाओं के हिसाब से होगा फैसला

नई दिल्ली। असम में दीवाली के मौके पर पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐलान किया गया था। अब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि ये आदेश सरकार से सलाह-मशविरा किए बिना ही जारी किया गया था। सीएम सरमा ने कहा, “असम पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने खुद संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विचार-विमर्श किए बिना ही पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया कर दिया और कई अन्य बंदिशें लगाईं। हमने इसका संज्ञान लिया है।”

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इस पूरे मामले की समग्र रूप से ताज़ा समीक्षा की जा रही है और इस दौरान जनभावनाओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है। ज्ञात्त हो कि ‘असम पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड’ ने ‘ग्रीन क्रैकर्स’ के अलावे सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। उसने कहा था कि ‘नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT)’ के दिशानिर्देशों के अनुरूप ही दीवाली से पहले ये फैसला लिया गया है।

आदेश में कहा गया था कि अगली अधिसूचना जारी होने तक ये तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा। इसका अर्थ था कि हिन्दू त्योहारों के मौसम में पटाखों पर प्रतिबंध रहेगा। वायु प्रदूषण को नियंत्रण में रखने का हवाला देते हुए ये आदेश जारी किया गया था। PCB के अध्यक्ष अरूप कुमार मिश्रा ने बताया था कि सभी एसपी और डिप्टी कमिश्नरों को पत्र लिख कर बोर्ड ने इस आदेश का पालन करवाने को कहा है।

साथ ही राज्य की पुलिस को निर्देश दिए गए थे कि वो पटाखों की सप्लाई पर रोक लगाए। अवैध रूप से पटाखे बेचने वालों को सज़ा दिलाने की बात भी कही गई थी। बोर्ड ने कहा था कि वो सिर्फ सलाह और दिशानिर्देश ही जारी कर सकता है, ऐसे में ये पुलिस-प्रशसान के ऊपर है कि वो पटाखे बेचने वालों को गिरफ्तार करे। साथ ही बोर्ड ने रोज की कार्रवाई का ब्यौरा भी तलब किया था। ‘ग्रीन क्रैकर्स’ फोड़ने के लिए भी दीवाली के दिन बस 2 घंटे का समय दिया गया था।

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