कांग्रेस के ‘शराब छोड़ो’ नियम पर राहुल गांधी को सिद्धू का जवाब- पंजाब में हर कोई पीता है

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी एक नवंबर से सदस्यता अभियान शुरू करने जा रही है। इसी हफ्ते पार्टी की सदस्यता के लिए बने नए नियम खूब चर्चा में रहे थे, जिनके मुताबिक किसी व्यक्ति को सदस्य बनने के लिए यह घोषणा करनी पड़ेगी कि वह शराब या किसी भी तरह के नशे से दूर रहता है। हालांकि, यह नियम मौजूदा कांग्रेस पदाधिकारी भी फॉलो नहीं कर पा रहे हैं। मंगलवार को जब कांग्रेस के पदाधिकारियों संग बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सवाल किया कि इस कमरे में बैठे कितने लोग शराब पीते हैं। इसपर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने जवाब दिया कि उनके राज्य में तो अधिकांश लोग शराब पीते हैं।

राहुल गांधी के सवाल पर दो अन्य महासचिवों ने भी माना कि वे शराब पीते हैं। इसके बाद ही मीटिंग में यह चर्चा भी छिड़ गई कि पार्टी का सदस्य बनने के लिए शराब छोड़ने वाला नियम कितना तार्किक है। पार्टी संविधान के मुताबिक, किसी शख्स को कांग्रेस पार्टी का सदस्य बनने के लिए शराब या अन्य नशा छोड़ना होगा और उसे खादी पहनने का आदी भी होना पड़ेगा।

सूत्रों के मुताबिक, नवजोत सिंह सिद्धू ने यह कहा कि उनके राज्य में अधिकतर लोग शराब पीते हैं और ऐसी स्थिति में कांग्रेस सदस्यता के लिए बनाए नियम का पालन कैसे हो पाएगा? बाकी नेता भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रखने लगा और फिर संगठन महासचिव को इस चर्चा को रोकना पड़ा।

शराब के बाद राहुल गांधी ने खादी के लिए बने नियम पर भी चर्चा की और पूछा कि यह कितना व्यावहारिक है। इस पर कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि खादी आजादी की लड़ाई का प्रतीक है लेकिन मौजूदा समय में यह काफी महंगा हो गया है। कुछ नेताओं ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सदस्यता के नियमों को बदले जाने का सुझाव भी दिया। बता दें कि सोनिया ने मंगलवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारियों और सचिवों के साथ आगामी विधानसभा चुनावों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई थी।

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