आदत से लाचार इमरान ने शेयर किया था फर्जी वीडियो, भारत ने की कड़ी आलोचना

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान शुक्रवार को भारत को बदनाम करने के चक्कर में खुद की फजीहत करवा बैठे। उन्होंने टि्वटर पर बांग्लादेश का एक पुराना वीडियो जारी किया और उसे भारत का बताया। वीडियो में पुलिसबल को मुस्लिम युवकों की पिटाई करते दिखाया गया है।

इमरान ने वीडियो के साथ लिखा, यूपी में मुसलमानों के खिलाफ भारतीय पुलिस का कहर। इस वीडियो में पुलिस को दंगा-रोधी वर्दी में प्रदर्शनकारियों को पीटते हुए दिखाया गया है। इस ट्वीट के कुछ ही देर बाद लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। ट्विटर पर फजीहत होते देख इमरान ने अपने ट्वीट को डिलीट कर लिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने भी इमरान के फर्जी ट्वीट का जिक्र करते हुए लिखा, फेक न्यूज ट्वीट करो। पकड़े जाओ तो डिलीट कर दो।

दरअसल, इमरान जिस वीडियो को उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस बर्बरता के सबूत के तौर बताने की कोशिश कर रहे थे, वो वास्तव में बांग्लादेश का एक पुराना वीडियो है।

वीडियो में एक जगह पुलिस की वर्दी और ढाल पर RAB लिखा हुआ दिख रहा है। RAB का मतलब रैपिड एक्शन बटालियन है, जो बांग्लादेश पुलिस की आतंकरोधी इकाई है। साल 2013 में बांग्लादेश पुलिस और धार्मिक कट्टरपंथियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसका यह वीडियो है।

यह पहला मौका नहीं है जब इमरान ने इस तरह की अफवाह फैलाने की कोशिश की हो। उनके साथ ही पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता के ट्विटर हैंडल से भी लगातार नागरिकता संशोधन कानून से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के फोटो व वीडियो डाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुए हमले से ध्यान बंटाने के लिए फर्जी वीडियो पोस्ट किया।

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