मन की बात 83 : में बोले PM मोदी, मैं आज भी सत्ता में नहीं हूं, मैं कल भी सत्ता में नहीं जाना चाहता, मैं सिर्फ जनता का सेवक हूं

न्यूज़ डेस्क। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिये संवाद किया। यह उनकी मन की बात कार्यक्रम का 83वां संस्करण है। उनका ये रेडियो कार्यक्रम सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो न्यूज और मोबाइल एप पर प्रसारित किया गया। मन की बात कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। आज़ादी का अमृत महोत्सव सिखने के साथ ही यह हमें देश के लिए कुछ करने कि प्ररेणा भी देता है। अब तो देश में लगातार इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला भी चल रहा है। वीरता केवल युद्ध के मैदान में ही दिखाई जाए ऐसा ज़रूरी नहीं होता। जब वीरता का विस्तार होता है तो हर क्षेत्र में अनेकों कार्य सिद्ध होने लगते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे आसपास जो भी प्राकृतिक संसाधन है, हम उन्हें बचाएं, उन्हें फिर से उनका असली रूप लौटाएं। इसी में हम सबका हित है। पीएम मोदी ने आयुष्मान योजना के तहत एक लाभार्थी से बात करते हुए कहा कि मैं आज भी सत्ता में नहीं हूं, मैं कल भी सत्ता में नहीं जाना चाहता। मैं सिर्फ सेवक होकर रहना चाहता हूँ। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के प्रयासों से, सरकार की योजनाओं से कैसे कोई जीवन बदला उस बदले हुए जीवन का अनुभव क्या है? जब ये सुनते हैं तो हम भी संवेदनाओं से भर जाते हैं। यह मन को संतोष भी देता है और उस योजना को लोगों तक पहुंचाने की प्रेरणा भी देता है। युवाओं से समृद्ध हर देश में तीन चीजें बहुत मायने रखती हैं। पहली चीज है – Ideas और Innovation, दूसरी है – जोखिम लेने का जज्बा, तीसरी है – Can Do Spirit, यानी किसी भी काम को पूरा करने की जिद्द। जब ये 3 चीजें आपस में मिलती हैं तो अभूतपूर्व परिणाम मिलते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि आपको ये जानकार बेहद ख़ुशी होगी कि अब Unicorns की दुनिया में भी भारत तेज उड़ान भर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल एक बड़ा बदलाव आया है। सिर्फ 10 महीनों में ही भारत में हर 10 दिन में एक Unicorn बना है। दिसम्बर महीने में ही एक और बड़ा दिन हमारे सामने आता है जिससे हम प्रेरणा लेते हैं। ये दिन है, 6 दिसम्बर को बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन देश और समाज के लिये अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिये समर्पित किया था।

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